सौतेली मां और चाची ने रची साजिश, 50 हजार की सुपारी देकर करवाई मासूम की हत्या



बलौदा बाजार (छत्तीसगढ़)। महज 14 साल का एक मासूम, जिसे परिवार का प्यार और सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, उसी के घर की महिलाओं ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। अवैध संबंधों के शक और पारिवारिक कलह के चलते यह मामला ऑनर किलिंग की खौफनाक मिसाल बन गया है।

1 अप्रैल को बलौदा बाजार जिले के डोंगरीडीह गांव के पास महानदी के किनारे रेत में दबा एक बच्चे का शव मिलने के बाद पुलिस ने जब मामले की परतें खोलीं, तो इसके पीछे की कहानी ने पूरे जिले को सन्न कर दिया।
हत्या की सुपारी: सौतेली मां और चाची बनीं मौत की सौदागर

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की सौतेली मां मीना धृतलहरे और चाची मोंगरा बाई ने गांव के ही युवक गोविंदा कोसले को 50 हजार रुपये में हत्या की सुपारी दी थी। गोविंदा ने इस काम के लिए तीन नाबालिगों को भी अपने साथ शामिल कर लिया।

30 मार्च की रात, मासूम को बहाने से मोटरसाइकिल पर बैठाकर महानदी किनारे ले जाया गया और बेल्ट से गला घोंटकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। अगले दिन उसका शव रेत में दबा मिला, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।
आरोप और अपमान से उपजा खूनी षड्यंत्र

पुलिस के अनुसार, मृतक की जैविक मां दुर्गा, जो अब परिवार से अलग रहती है, अकसर मीना पर ताने कसती थी कि वह बच्चे की ठीक से देखभाल नहीं करती। इतना ही नहीं, मां-बेटे के रिश्ते को लेकर अवैध संबंधों तक के आरोप लगाए गए थे।

इन्हीं आरोपों और सामाजिक अपमान से आहत होकर मीना ने अपनी देवरानी मोंगरा के साथ मिलकर यह साजिश रची। उन्होंने न सिर्फ हत्या की योजना बनाई बल्कि उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए पैसे देकर हत्या करवाई।
छह आरोपी गिरफ्तार, तीन नाबालिग शामिल

पुलिस ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन नाबालिग हैं। लवन थाना पुलिस की तत्परता और गंभीरता से की गई जांच के चलते यह अपराध जल्द ही उजागर हो गया।

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